DHCP का काम
DHCP यानी Dynamic Host Configuration Protocol नेटवर्क से जुड़ने वाले डिवाइस को अपने आप IP एड्रेस, subnet mask, gateway और DNS सर्वर देता है। इससे हर फोन या कंप्यूटर को हाथ से सेट करने की जरूरत नहीं पड़ती।
DHCP lease क्या है?
दिया गया IP एक निश्चित समय के लिए आरक्षित होता है, जिसे lease कहा जाता है। डिवाइस समय-समय पर उसे renew करता है। नेटवर्क छोड़ने पर पता किसी दूसरे डिवाइस को दिया जा सकता है।
DNS का काम
DNS यानी Domain नाम System, वेबसाइट नामों को IP एड्रेस में बदलता है। जब आप कोई डोमेन लिखते हैं, आपका resolver रिकॉर्ड खोजता है और ब्राउज़र को सही सर्वर का पता देता है।
दोनों एक साथ कैसे काम करते हैं?
राउटर का DHCP आपके डिवाइस को नेटवर्क सेटिंग देता है, जिनमें उपयोग होने वाला DNS resolver भी शामिल हो सकता है। इसके बाद DNS नामों का समाधान करता है और gateway ट्रैफिक को इंटरनेट तक भेजता है।
सामान्य समस्याएँ
गलत DHCP सेटिंग से IP conflict या इंटरनेट न चलने की समस्या हो सकती है। DNS समस्या में वेबसाइट नाम नहीं खुलते, जबकि सीधे IP से कनेक्शन संभव हो सकता है। राउटर रीस्टार्ट करना, lease renew करना या विश्वसनीय DNS चुनना मदद कर सकता है।